बरमूडा त्रिकोण (Bermuda Triangle), जिसे “डेविल्स ट्रायंगल” भी कहा जाता है, अटलांटिक महासागर के उस हिस्से को कहते हैं जहां से समय-समय पर कई जहाज और विमान रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए हैं। इस क्षेत्र को लेकर दुनिया भर में अलग-अलग कहानियां, रहस्य और वैज्ञानिक सिद्धांत बने हैं। आइए इसे आसान और रोचक तरीके से समझते हैं।
बरमूडा त्रिकोण अटलांटिक महासागर का एक हिस्सा है, जो अमेरिका के फ्लोरिडा, बरमूडा और प्यूर्टो रिको के बीच ट्रायंगल की आकृति में फैलता है। यह कोई आधिकारिक सीमांत क्षेत्र नहीं है, पर इसके अंदर जहाज और विमान गायब होने की घटनाएं काफी चर्चित हैं।
बरमूडा त्रिकोण की चर्चाएं 20वीं सदी के मध्य से शुरू हुईं। 1950 के दशक में प्रकाशित कुछ लेखों में पहली बार इसकी तरफ ध्यान खींचा गया, जिसमें बताया गया कि कई जहाज और विमान इस इलाके से अजीब तरह से गायब हुए हैं। 1945 में यूएस नेवी के पाँच विमानों का TRAINING FLIGHT 19 शिकायत बगैर सिग्नल के गायब हो जाना इस क्षेत्र की सबसे प्रसिद्ध घटना है।
पिछले कई दशकों में बरमूडा त्रिकोण के अंदर लगभग 50 छोटे-बड़े जहाज और 20 से अधिक विमान लापता रहे हैं — जिनमें कई केस सिर्फ अफवाहों या अतिरंजित रिपोर्टों तक ही सीमित हैं।
हालांकि कुछ लोग इसे अलौकिक शक्तियों, UFO, टाइम वॉर्प या खोई सभ्यताओं जैसे कारणों से जोड़ते हैं, पर वैज्ञानिक अनुसंधानों का मानना है कि ज्यादातर घटनाओं को प्राकृतिक या मानवीय कारणों से समझा जा सकता है।
इस इलाके में अचानक भारी तूफान और गोले जैसा घना मौसम बन जाता है। समुद्री तूफान और रो़गवेव्स (rogue waves) इतने जबरदस्त होते हैं कि बड़े जहाज भी बिना चेतावनी के डूब सकते हैं।
वैज्ञानिकों का कहना है कि नेविगेशनल एरर, खराब मौसम की सूचना न मिलना और मानवीय गलती भी इन हादसों के पीछे का प्रमुख कारण हो सकता है, जैसा सम्यक विश्लेषण से पता चला है।
कुछ शोधों के अनुसार समुद्र की तलहटी और गैस हाइड्रेट्स की चट्टानों से भी समुद्र में अचानक गैसों का रिसाव होता है, जिससे पानी का घनत्व बदलकर जहाज को डुबो सकता है। इसके अलावा बरमूडा के नीचे मिली अद्वितीय 20 किमी मोटी चट्टान की तह भी इस क्षेत्र को भू-वैज्ञानिक रूप से खास बनाती है।
बरमूडा Triangle के बारे में जितने डरावने किस्से बताए जाते हैं, वैज्ञानिक शोध उतनी ही सादगी से उन्हें समझाते हैं। NOAA और Lloyd’s of London जैसे प्रतिष्ठित संस्थाएं यह मानती हैं कि इस क्षेत्र में दुर्घटनाएँ किसी विशेष शक्ति की वजह से नहीं होतीं बल्कि सामान्य समुद्री और वायुमंडलीय चुनौतियाँ हैं।
बरमूडा Triangle आज भी लोगों के मन में रोमांच और रहस्य का प्रतीक है, लेकिन वैज्ञानिक तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर कहा जा सकता है कि इसमें असामान्य कोई सुपरनैचुरल शक्ति नहीं है — बल्कि प्राकृतिक घटनाएँ, मौसम, और मानवीय कारण इन घटनाओं के पीछे हैं।