बिहार के 7 विरासत स्थल जिसकी यात्रा आपको एक बार अवश्य करनी चाहिए

भारत एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर से भरपूर देश है। यहाँ के विभिन्न राज्यों में अनेक प्राचीन स्मारक हैं, जो हमें हमारे शौर्य और विरासत की याद दिलाते हैं। बिहार भी इस में अपना विशेष स्थान रखता है। भारत के उत्तरी भाग में स्थित बिहार राज्य ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध है।

यहाँ कई महत्वपूर्ण स्मारक हैं जो हमें प्राचीन समय की शान और गौरव की याद दिलाते हैं। इन महान भवनों का इतिहास, विशेषताएँ और महत्व जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस लेख में हम बिहार के प्रमुख विरासत स्थलों की यात्रा करेंगे।

1. महाबोधि मंदिर, बोधगया:

बोधगया का महाबोधि मंदिर बौद्ध धर्म का एक प्रमुख स्थल है। यहाँ पर भगवान बुद्ध का अनुमोदन हुआ था। मंदिर की सुंदरता और शांति हर किसी को मोहित करती है।

कैसे पँहुचे बोधगया ?

  • नजदीकी रेलवे स्टेशन:गया जंक्शन
  • नजदीकी एयरपोर्ट:पटना - (107 KM) , गया - (19 KM)
  • सड़क मार्ग:NH-19
  • प्रमुख शहरो से दुरी:पटना - (107 KM) , कोलकत्ता - (470 KM) , दिल्ली - (1080 KM) , मुंबई - (1740 KM)
  • नजदीकी प्रमुख होटल:-----

2. नालंदा विश्वविद्यालय:

नालंदा विश्वविद्यालय भारतीय शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र था। इसे विश्व की प्रथम विश्वविद्यालय माना जाता है। यहाँ विभिन्न विषयों में शिक्षा दी जाती थी। नालंदा विश्वविद्यालय भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहाँ विश्व के एक प्रमुख गुरुकुल होता था जहाँ विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में शिक्षा दी जाती थी।

नालंदा की उत्कृष्टता को स्वीकार करते हुए यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया है। इस विश्वविद्यालय की विशेषता में स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी योगदान देना शामिल है।

कैसे पँहुचे नालंदा ?

  • नजदीकी रेलवे स्टेशन:राजगीर (12 KM)
  • नजदीकी एयरपोर्ट:पटना - (80 KM) , गया - (70 KM)
  • सड़क मार्ग:NH-20, NH-31
  • प्रमुख शहरो से दुरी:पटना - (80 KM) , कोलकत्ता - (510 KM) , दिल्ली - (1130 KM) , मुंबई - (1802 KM)
  • नजदीकी प्रमुख होटल:

3. मुण्डेश्वर मंदिर, मुजफ्फरपुर:

मुजफ्फरपुर के मुण्डेश्वर मंदिर माँ पार्वती को समर्पित है। इस मंदिर की विशालकाय और सुंदरता का आकर्षण हर किसी को मोहित करता है।

कैसे पँहुचे मुजफ्फरपुर ?

  • नजदीकी रेलवे स्टेशन:मुजफ्फरपुर जंक्शन
  • नजदीकी एयरपोर्ट:पटना - (70 KM) , गया - (170 KM)
  • सड़क मार्ग:NH-57, NH-28, NH-77
  • प्रमुख शहरो से दुरी:पटना - (70 KM) , कोलकत्ता - (645 KM) , दिल्ली - (1100 KM) , मुंबई - (1810 KM)
  • नजदीकी प्रमुख होटल:

4. विक्रमशिला विहार:

विक्रमशिला विहार बौद्ध धर्म का एक महत्वपूर्ण केंद्र था। यहाँ पर बौद्ध भिक्षुओं को शिक्षा दी जाती थी। यह स्थान आध्यात्मिक एवं शिक्षा की भव्य परंपरा का प्रतीक है। विक्रमशिला बिहार के भागलपुर जिले का एक गाँव है। यह भागलपुर से लगभग 50 किमी पूर्व और कहलगाँव से 13 किमी उत्तर पूर्व में है।

कैसे पँहुचे विक्रमशिला ?

  • नजदीकी रेलवे स्टेशन:विक्रमशिला और कहलगाँव
  • नजदीकी एयरपोर्ट:पटना - (285 KM) , गया - (322 KM)
  • सड़क मार्ग:NH-80
  • प्रमुख शहरो से दुरी:पटना - (285 KM) , कोलकत्ता - (392 KM) , दिल्ली - (1320 KM) , मुंबई - (2000 KM)
  • नजदीकी प्रमुख होटल:

5. राजगीर:

राजगीर बिहार का एक ऐतिहासिक स्थल है जो मगध साम्राज्य की राजधानी थी। यहाँ पर भगवान महावीर और गौतम बुद्ध ने भी उपदेश दिया था। इसे ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है। राजगीर के प्रमुख आकर्षणों में से एक है 'गृद्धकूट पर्वत', जहाँ भगवान महावीर ने अपने उपदेश दिए थे। यहाँ की पहाड़ियों की चारों ओर की आश्चर्यजनक खूबसूरती और वातावरण की शांति हर किसी का मन मोह लेती है।

इसके अलावा, 'वैषाली स्थल' भी एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जो भगवान बुद्ध के उपदेशों का साक्षी रहा है। यहाँ की महापरिनिर्वाण स्थल पर खड़ा होना हर भक्त के लिए अद्वितीय और धार्मिक अनुभव होता है।

राजगीर के इस रोमांचक और प्राचीन शहर में घूमना हर यात्री के लिए एक अनूठा अनुभव होता है। यहाँ के रोमांचक इतिहास, आध्यात्मिक वातावरण, और प्राकृतिक सौंदर्य से युक्त मनोरम दृश्य हर किसी को आकर्षित करते हैं। यहाँ के अनुभव और दर्शनीय स्थल आपको निश्चित रूप से अपने प्राकृतिक और धार्मिक अनुभव के लिए प्रेरित करेंगे।

कैसे पँहुचे राजगीर ?

  • नजदीकी रेलवे स्टेशन:राजगीर
  • नजदीकी एयरपोर्ट:पटना - (97 KM) , गया - (60 KM)
  • सड़क मार्ग:NH-120
  • प्रमुख शहरो से दुरी:पटना - (97 KM) , कोलकत्ता - (505 KM) , दिल्ली - (1220 KM) , मुंबई - (1804 KM)
  • नजदीकी प्रमुख होटल:

6. विश्वनाथ मंदिर, गया:

गया का विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यहाँ के आराधना स्थल में हिन्दू धर्म के विशाल समुदाय आता है। मंदिर की स्थापना करीब 2200 वर्ष पूर्व की गई थी। इस मंदिर का निर्माण पांचवें शताब्दी में किया गया था। इस मंदिर का संग्रहालय भी बहुत मनमोहक है, जहां प्राचीन कलाकृतियों का भंडार है। यहाँ के विशालकाय गोपुरम और शिवलिंग भी दर्शनीय हैं और भक्तों को भव्यता की अनुभूति कराते हैं। विश्वनाथ मंदिर में प्रतिदिन अनगिनत भक्तों की भीड़ आती है, जो अपने मनोकामनाओं को पूरा करने और भगवान शिव की कृपा को प्राप्त करने के लिए यहाँ आते हैं।

कैसे पँहुचे गया ?

  • नजदीकी रेलवे स्टेशन:गया जंक्शन
  • नजदीकी एयरपोर्ट:गया - (8 KM), पटना - (100 KM)
  • सड़क मार्ग:NH-83
  • प्रमुख शहरो से दुरी:पटना - (100 KM) , कोलकत्ता - (470 KM) , दिल्ली - (1080 KM) , मुंबई - (1740 KM)
  • नजदीकी प्रमुख होटल:

7. पटना के गोलघर:

पटना के गोलघर भारतीय इतिहास का एक अनूठा स्मारक है। यह उत्तराधिकारी सरकार द्वारा बनवाया गया था। गोलघर का निर्माण 1786 में हुआ था और यह एक पूर्व केल खजाना था। इसका उद्देश्य पटना को समर्थ बनाना था, जिसका उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता था, जैसे कि विज्ञान, पठन और विश्राम।

कैसे पँहुचे पटना ?

  • नजदीकी रेलवे स्टेशन:पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर टर्मिनल , पाटलिपुत्र जंक्शन
  • नजदीकी एयरपोर्ट:पटना , गया - (100 KM)
  • सड़क मार्ग:NH-30, NH-31
  • प्रमुख शहरो से दुरी: कोलकत्ता - (580 KM) , दिल्ली - (1010 KM) , मुंबई - (1740 KM)
  • नजदीकी प्रमुख होटल:

बिहार राज्य के स्मारक हमें हमारी धरोहरों के प्रति संवेदनशील बनाते हैं। इन स्थलों को यात्रा करके हम अपने इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को समझ सकते हैं। इससे हमारी संस्कृति की गहराई को समझने में मदद मिलती है और हमें हमारी मूलभूत भूमिका का अनुभव होता है। इसलिए, बिहार के स्मारकों की यात्रा हमें न केवल मनोरंजन प्रदान करती है, बल्कि हमें हमारे समृद्ध इतिहास का गर्व और आत्मसम्मान भी दिलाती है।

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